Dr. L.G. Meshram 'Vimalkirti'
Description
यह किताब जोतिबा फुले (जोतीराव गोविंदराव फुले : 1827-1890) की सम्पूर्ण रचनाओं का संग्रह है । सन 1855 से सन 1890 तक उन्होंने जितने ग्रंथो की रचना की, सभ
...
ी को इसमें संगृहीत किया गया है । उनकी पहली किताब 'तृतीय रत्न' (नाटक) सन 1855 में और अंतिम 'सार्वजानिक सत्यधर्म' सन 1891 में उनके परिनिर्वाण के बाद प्रकाशित हुई थी । जोतीराव फुले की कर्मभूमि महाराष्ट्र रही है । उन्होंने अपनी साडी रचनाएँ जनसाधारण की बोली मराठी में लिखीं । उनका कार्य और रचनाएँ अपने समय में भी विवादस्पद रहीं और आज भी हैं । लेकिन उनका लेखन हर पीढ़ी में सामाजिक क्रांति की चेतना जगाता रहेगा, इसमें कोई संदेह नहीं । उनकी यह रचनावली उनके कार्य और चिंतन का ऐतिहासिक दस्तावेज है ।
Read more
Genres
No genres specified
Tags
Subjects
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Radhakrishna Prakashan
Month-Year
Sep, 2009
ISBN
ISBN-13: 9788171197323
ISBN-10: 8171197329
Language
Hindi
No. of Pages
383
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?