संपादक आराध्या अरु, राजीव दूबे
Description
माँ" सृष्टि का सबसे बड़ा वरदान
"माँ" सृष्टि का सबसे वरदान, एक अनमोल उपहार. हर इंसान के लिए एक ऐसी जगह, जहाँ उसे जज नहीं किया जाता, जहाँ उसे भूखा नहीं
...
सोने दिया जाता.
तो प्रिय पाठकों, प्रिय मित्रों माँ की ममता से ओतप्रोत है इसबार की काव्यमाला. उम्मीद है, पिछले हर संकलन की तरह ही आप इस काव्यमाला को भी बहुत ही प्यार से अपनाएंगे.
दुनिया की किसी भी कलम में इतनी ताकत नहीं कि वो माँ को परिभाषित कर दे.
जीवन की प्रखर धूप में ममता की घनी छाँव है माँ.
अगर जग में कुछ सच्चा है, अचल अविरामी और अनंत है तो वो सिर्फ एक माँ ही हो सकती है.
माँ की मुस्कान पुरे घर को रौशन करती है.
माँ तुझे सलाम
"माँ तू अन्नपूर्णा है नारायणी भी तू
निज गौरव का कर सम्मान तू
पैरों के ज़मीं को कर पुख्ता
सर के ऊपर उचककर छू ले आसमा तु.
इन्ही शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को यहीं विराम देती हूँ.
आभार सहित... आराध्या.
माँ ही पहली गुरु, मार्गदर्शक और प्रेरणाश्रोत
हमारे जीवन में माँ ही पहली गुरु, मार्गदर्शक और प्रेरणाश्रोत होती हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि माँ ही हमारे जीवन में सर्वश्रेष्ठ और महत्त्वपूर्ण होती है क्योंकि कोई भी माँ के जैसा सच्चा और वास्तविक नहीं हो सकता। वो एकमात्र ऐसी है जो हमेशा हमारे अच्छे और बुरे समय में साथ रहती है।
अपने जीवन में दूसरों से ज्यादा वो हमेशा हमारा ध्यान रखती है और प्यार करती है जितना कि हम काबिल नहीं होते है। अपने जीवन मे वो हमें पहली प्राथमिकता देती है और हमारे बुरे समय में उम्मीद की झलक देती है। जब हम जन्म लेते हैं, तब वो माँ ही होती है जो असीम पीड़ा सहने के बाद भी बहुत खुश होती है।
हमारे जीवन की निर्मात्री, जीवन का आधार हमारी माँ ही है। उसी ईश्वर स्वरूपा माँ पर सृजित कुछ बेहतरीन कविताओं का संग्रह कर हमने इस कृति की रचना की है। वैसे तो माँ पर की कोई व्याख्या नहीं की जा सकती है क्योंकि दुनिया की किसी
भी कलम में इतनी ताकत नहीं है की वह माँ को परिभाषित कर दे। माँ पवित्रता, त्याग, ममता, प्यार की वो मूर्त है जिसका कर्ज कभी चुकाया नहीं जा सकता है। एक माँ ही जो सबका ख्याल रखती है। अगर हम भूखे रहते है तो माँ का पेट भी नहीं भरता, अगर हम दुखी
होते है तो माँ भी दुखी हो जाती है माँ सबसे प्यारी है जो हमसे बहुत प्यार करती है। वैसे इसमें कोई कहने की बात नही है की हम सभी अपनी माँ से कितना प्रेम करते हैं और अपनी माँ के लिए कुछ न कुछ खास करना चाहते हैं।
हमें पूर्ण विश्वास है कि माँ पर सृजित यह कविताएँ आपके दिल को छुएंगी और आभास कराएंगी कि माँ में ही पूरा जीवन का अर्थ समाया हुआ है और किस तरह जन्नत के सुख से भी ज्यादा सुंदर माँ के साथ का सुकून है। जिसमें संपूर्णता, पवित्रता, ममता, प्यार सब कुछ निहित होता है। शायद ही दुनिया का कोई अन्य
रिश्ता ऐसा हो, जिसमें इतनी सारी खूबियाँ एक साथ होती हों।
माँ’ एक ऐसा शब्द जिसकी परिभाषा देने की कोशिश तो कई लोगों ने दी है लेकिन माँ की परिभाषा इतनी बड़ी है कि उस पर जितना भी लिखा जाए कम है। हम सब अपनी माँ को बहुत प्यार करते हैं। भगवान् को तो आज तक नहीं देखा पर जिसने भगवान् के बारे में बताया उस माँ को जरूर देखा है और रोज देखता हूँ
।
- राजीव दूबे
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