P. Ravi
Description
‘कविता का वर्तमान’ पुस्तक में कविता और जीवन को निराधार देखने की प्रवृत्ति नहीं, सम्पूर्ण विश्व को देखती कविताओं की परख है| वर्तमान कविताओं की आलोचनाएँ
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इसमें समाहित हैं| वे बयान करती हैं कि नव उपनिवेशवाद, साम्प्रदायिकता, अपसंस्कृति, उपभोक्तावाद, विकल्पहीनता एवं विचारधारा को लेकर अफवाहें, पर्यावरण एवं पारिस्थितिक संकट, स्त्री एवं दलित प्रश्न सरीखे भीषण यथार्थ की अभिव्यक्ति समकालीन कवि किस प्रकार करते हैं|
Vani Prakashan :-http://www.vaniprakashan.in/details.p...
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