संपादक पिंकी सिंघल
Description
कहा जाता है कि मां शारदे की स्तुति से जिस कार्य की शुरुआत की जाए,उस कार्य में अपार सफलता मिलती है।आपके अपने इस सांझे काव्य संग्रह काव्य सुमन को भी मां
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सरस्वती का आशीर्वाद मिला और शुरू हो गया सिलसिला एक से बढ़कर एक अनोखी काव्य रचनाओं का।
विविध प्रांतों एवम राज्यों के मंझे हुए साहित्यकारों ने काव्य सुमन को अपनी सधी हुई रचनाओं से और अधिक मनमोहक और सुवासित कर दिया है ।
आप सभी के उत्कृष्ट सृजन से ही यह सुमन पुष्पित और पल्लवित हुआ है,इसमें कोई दो राय नहीं।आपकी लेखनी ने ही इस काव्य पुष्प को सिंचित कर ऐसा नयनाभिराम दृश्य उकेरा है जिस से चाहते हुए भी कोई नज़र हटा ही नहीं पाएगा।
आपके गीतों ने,आपकी गजलों ने और आपके हर प्रकार के उम्दा सृजन ने काव्य संग्रह को शोभायमान किया है जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम ही है।
अपनी कविताओं से लोगों में सकारात्मक सोच का बीजारोपण कर आप सभी ने समाज को प्रेरित करने की अनूठी कोशिश की है जिसके लिए आप सभी वंदनीय हैं।
अधिकतर रचनाओं ने प्रकृति प्रेम को खुद में इस कदर समेटा है कि काव्य सौंदर्य का बखान कर पाना कठिन है
कुदरत साथ न दे तो
दुनिया साथ नहीं देती
मेरी अपनी ही परछाई
मुझे धूप आने के बाद मिली
कहीं आपने प्रकृति के सानिध्य में रहते हुए वक्त के थपेड़ों में भी जीत का जश्न मनाने पर जोर दिया तो कहीं प्रेमी की यादों में जीवन गुजार सच्चे प्रेम का उदाहरण प्रस्तुत किया।
शहीदों की शहादत पर
श्रद्धा सुमन हम चढ़ाएंगे...
मिटने न देंगें नाम इतिहास से
उनके गौरव की गाथा हम सुनाएंगे...
की तर्ज़ पर शहीदों को नमन कर उनसे सीख लेने वाली कविताएं निसंदेह दिल को छूती हैं।समसामयिक विषय कोरोना पर सृजन कर सबको सचेत करने एवम एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने वाले सभी रचनाकार विशेष बधाई के पात्र हैं।
"कोरोना को अब हम दूर भगाएं
खुशियां मिल कर मनाएं"
काव्य सुमन सभी नवांकुरों एवम साहित्य प्रेमियों का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए आप सभी के सुरक्षित एवम उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
- पिंकी सिंघल
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