Bhai Parmanand
Description
भारत- भूमि पर अनेक महापुरुष और भारत माता के सपूत हुए हैं, जिन्होंने देश के लिए ही किया, देश के लिए ही जिया; जिन्होंने देश की स्वाधीनता के लिए विदेशी आ
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क्रांताओं से जीवन भर संघर्ष किया । अपना सुख तथा पत्नी-बच्चों के मोह को परे रख अनेक कष्टों को सहते हुए देश- हित में लगे रहे । भारत के उन्हीं सपूतों में एक हैं- भाई परमानंद । ब्रिटिश सरकार द्वारा ' प्रथम लाहौर षड्यंत्र- केस ' में भाई परमानंद को गिरफ्तार कर फाँसी की सजा सुनाई गई । किंतु फिर फाँसी की सजा परिवर्तित कर आजीवन कारावास में बदल दी गई । उन्हें इक्कीस वर्षों तक अंडमान की काल कोठरी में कैद रहना पड़ा । वहाँ उन्हें वे सभी कार्य करने पड़ते थे, जो आम कैदी करते थे । वहाँ भाईजी ने अनेक भीषण यातनाएँ सहीं ।
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