Shani
Description
काला जल एक मानक कृति है। काला जल भारतीय संस्कृति के एक अभिन्न अंग-मुस्लिम-समाजµके यथार्थ की ऐसी अभिव्यक्ति है जिसमें न केवल उस वर्ग के जीवन का सूक्ष्म
...
चित्राण हुआ है, बल्कि उस जिन्दगी के लिए जिम्मेदार मूल्य-व्यवस्था भी उभरकर सामने आती है। काला जल वही नहीं जो किसी एक ताल में सड़ रहा है और जिसकी दुर्गन्ध का अजगर पूरी बस्ती को लपेट रहा है-यह वह जीवन-प्रणाली भी है, जिसमें अमानवीय और प्रगतिविरोधी मानों और मूल्यों की असहनीय सड़ाँध ठहरी हुई है। काला जल एक ऐसी खिड़की है जिससे झाँकने पर दिखाई देती है एक हलचलों से भरी-पूरी दुनिया। यह दुनिया अपने विशिष्ट चरित्रों के आन्तरिक वैभव से अत्यन्त समृद्ध है। काला जल एक घोषणा है-शाश्वत साहित्य वही है जिसमें अपने समय की पुकार साफ-साफ सुनाई देती है; जिसमें धड़कता है अपना देश; जिसमें चमकती हैं गहरी सच्चाइयाँ और महती जनाकांक्षाएँ।
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Genres
No genres specified
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Subjects
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Sep, 2007
ISBN
ISBN-13: 9788126701094
ISBN-10: 8126701099
Language
Hindi
No. of Pages
312
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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