Vājapeyī, Narendra
Description
इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने आधुनिक जीवन की समस्याओं को बहुत ही बारीकी से अवगत कराया है। उन्होंने मनुष्य के विचारों की प्रक्रिया, सामाजिक समस्याओं,
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विवाहित जीवन की समस्याओं और पारिवारिक समस्याओं की गहनतम छानबीन की है। मनुष्य इन सभी समस्याओं से कैसे निजात पाए तथा जीवन को ज्यादा से ज्यादा आनंदित और शांतिपूर्वक तरीके से कैसे जिए, उसके लिए भी नए उपायों की खोज की हैं। इस पुस्तक के माध्यम से मनुष्य के मन में स्थापित पुरानी धारणाओं, पुरानी मान्यताओं, पुरानी रूढ़ियों तथा पुरानी सड़-गल चुकी परंपराओं से बाहर निकालने का प्रयास किया है।
उन्होंने धर्म के महानतम सत्य को अपने नित्य कर्मों में आचरण के रूप में उपयोग करने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि जब तक धर्म, मनुष्य के नित्य कर्म में प्रयुक्त नहीं होता है, तब तक मनुष्य वास्तविक आनंद से वंचित ही रह जाता है। इस पुस्तक का उद्देश्य मनुष्य के जीवन को उत्कृष्ट आनंदमय और शांतिपूर्ण बनाना है। आशा है कि यह पुस्तक आपके जीवन में नए आयाम तथा परम आनंद की खोज करने में सहायक सिद्ध होगी।
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