Louise Hay L.
Description
यह आपकी निजी रचनात्मक चिंतन-प्रक्रिया में चिनगारी उत्पन्न करनेवाले विचारों की पुस्तक है। यह आपको अनुभवों एवं उनकी प्रक्रियाओं से भिन्न रूप से परिचित ह
...
ोने का अवसर प्रदान करेगी। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आपको ऐसे विवरण प्राप्त हो सकते हैं, जिनसे संभवतः आप सहमत न हों। वे आपकी निजी विश्वास प्रणाली से टकरा सकते हैं। यह सही भी है। लेखिका इसे 'पात्र मंथन' कहती हैं। उनकी कही गई प्रत्येक विषयवस्तु से आपका सहमत होना आवश्यक नहीं, परंतु आप यह अवश्य परख लें कि आप किसी चीज पर क्यों विश्वास करना चाहते हैं। इसी प्रकार आपका विकास होगा और आप बदलेंगे। इस पुस्तक को आप कहीं से भी पढ़ना प्रारंभ कर सकते हैं। इसे आप अपनी इच्छानुसार खोलें। आपको इसमें निहित पूरा संदेश तत्काल मिल जाएगा। यह आपके पूर्व विश्वासों की पुष्टि करेगी या आपको चुनौती देगी। यह सबकुछ विकास-प्रक्रिया का अंग है। जान लीजिए कि आप सुरक्षित हैं और सबकुछ ठीक है। अपने भीतर झाँककर गुण-दोषों का अंतरावलोकन करके जीवन जीने के पॉजिटिव मंत्र बतानेवाली पठनीय कृति।
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
PRABHAT PRAKASHAN PVT Limited
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789353225858
ISBN-10: 935322585X
Language
Hindi
No. of Pages
264
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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