राम शरण सेठ
Description
प्रस्तुत काव्य संग्रह में संकलित कविताओं के लिए गुरु के समान समय जो हमारे और आपके बीच में उपस्थित रहते हुए हमें अच्छे और बुरे सुंदर व कुरुप यश-अपयश जै
...
से चक्र में उलझाए रहता है और कहीं ना कहीं कुछ सीख देता रहता है। यही सब विचारणीय बिंदु को ध्यान में रखते हुए यह पुस्तक को आप सबके समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पुस्तक के निर्माण में मेरी इस यात्रा में साथ देने वाले लोगों का भी मैं हृदय से आभार व्यक्त करूंगा जो कि मेरी अच्छाइयों को बुराइयों को मुझे कहीं प्रत्यक्ष तो कहीं संकेत रूप में बताते रहे हैं और साथ ही में विभिन्न ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए साहित्यिक मंच के
पदाधिकारी और सम्मानित कवि गणों का भी हृदय से आभार व्यक्त करना चाहूंगा जिनके मंचो पर प्रस्तुत कविताओं का यह संकलित रूप है जिसे नाम दिया गया है ”मानव की जिज्ञासा” यह जिज्ञासा मेरे साथ-साथ चल रही आत्मा संकल्पना का एक छोटा सा रूप है जिसके लिए मैं परम पिता परमेश्वर का भी आभार व्यक्त करता हूं...
इस काव्य संग्रह को पढ़ने वाले सम्मानित पाठक का भी मै हृदय वंदन करता हूं........
राम शरण सेठ
छटहां
मिर्जापुर उत्तर प्रदेश
[email protected]
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Genres
History
Tags
Asian
Poetry
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Inkalab publication
Month-Year
Sep, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789391834005
ISBN-10: 9391834000
Language
Hindi
No. of Pages
48
Format
E-book
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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