Sachin Sagar
Description
तुझसे बस यही आख़री फ़रियाद करना चाहता हूं मुझे कुछ ज़ख़्म दो मैं तुमको याद करना चाहता हूं कभी गुजरो इधर से तो तकल्लुफ़ में ही मिल लेना मैं तन्हा हूं बहु
...
त, मैं तुमसे बात करना चाहता हूं सचिन सागर वाकई में मोहब्बत की शायरी के सागर हैं! कविता के माध्यम से मोहब्बत के सभी पहलुओं को गहराई तक छूने की ग़ज़ब कला है! शेरो शायरी लिखने का लहज़ा ऐसा है कि श्रोता को लगे कि उसके दिल के ज़ज़्बात को उसकी प्रेमिका के लिए लिखा है हमने हिंदुस्तान बनाया तुमने कैसा कर डाला सत्य अहिंसा के झंडे को झूठ फ़रेब से भर डाला सही मायनों में कलमकार समाज का आईना है, सचिन सागर सामाजिक, राष्ट्रीय मूल्यों में आई गिरावट पर सटीक व्यंग करते हैं तूफ़ानों से लड़के ख़ुद को तैयार कीजिए फिर दुनिया सुनेगी बात इंतज़ार कीजिए अब जल उठे चिराग़ तो बुझने नहीं वाले कोई जाके हवाओं को ख़बरदार कीजिए सचिन सागर की प्रेरणा दायक कविता हो या मोहब्बत की शायरी हो युवाओं में बहुत पसंद की जाती है
Read more
Genres
History
Tags
Literature & Fiction
Arborist Merchandising Root
Self Service
Poetry
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
True Sign Publishing House
Month-Year
Mar, 2023
ISBN
ISBN-13: 9789355847775
ISBN-10: 9355847777
Language
Hindi
No. of Pages
138
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?