Shashidhar Khan
Description
साधारण विश्व रिकॉर्ड बनानेवाली मणिपुर की समाजधर्मी इरोम शर्मिला चानू की जीवनकथा अविस्मरणीय है। अद्भुत जीवटवाली इस महिला ने 13 साल तक लगातार भूखहड़ताल
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अनशन/ आंदोलन किया, जो सचमुच एक तपस्या है। इरोम शर्मिला का अनशन बिल्कुल छोटी सी आशा और छोटी सी दुनिया तक सीमित है। उसकी न तो कोई राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा, न ही सुर्खियों में बने रहने की लालसा, आंदोलन व प्रदर्शन जैसे विरोधप्रदर्शन के चलताऊ उपायों से दूर एकदम अलगथलग मणिपुर के अपने भाईबंधुओं को गुलामीवाले कानून की ज्यादती से छुटकारा दिलाने के लिए इरोम शर्मिला ने अपनी जिंदगी दाँव पर लगा रखी है। जनमानस को झकझोरनेवाली यह घटना मामूली नहीं है, क्योंकि ऐसा कर पाना हर किसी के वश की बात नहीं है। उन्होंने इतना शारीरिक और मानसिक संत्रास झेला है, जिसकी कल्पना मात्र से ही शरीर सिहर उठता है। अन्याय और असत्य के खिलाफ आवाज बुलंद करनेवाली इरोम शर्मिला के क्रांतिकारी जीवन की झाँकी, जो प्रेरणा भी देती है और संघर्ष करने की शक्ति भी।
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Genres
Literary Fiction
Tags
Literature & Fiction
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
PRABHAT PRAKASHAN PVT LTD
Month-Year
Jan, 2020
ISBN
ISBN-13: 9789384343293
ISBN-10: 9384343293
Language
Hindi
No. of Pages
176
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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