Dr. Priya Joshi
Description
हिन्दी फ़िल्म संगीत : सत् चित् आनन्द सार्वजनिक लोक की चेतना की जड़ों तक पहुँचकर उन सवालों के उत्तर खोजती है, कि संगीत कैसे उनमें समाया हुआ है, कैसे उन
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में जीवित रहता है, कैसे रूप बदल-बदल कर जन-सामान्य को आकर्षित करता है। कैसे सर्वजन को पृथक् विकल्प देता है कि वह शास्त्रीय, लोक, अथवा लोकप्रिय संगीत की विधा को जानें, पहचानें और उसका भरपूर आनन्द लें। यह पुस्तक भारतीय उप-महाद्वीप की संगीत परम्परा की व्याख्या करती है। यह शास्त्रीय संगीत और लोकप्रिय संगीत की सापेक्षता का गहन अध्ययन है। यह भारतीय फ़िल्म संगीत और रागों के बीच जो संसर्ग है, उनका बहुत ख़ूबसूरती से अनावरण करती है। वेद की जड़ों से अंकुरित रागों की आध्यात्मिक परम्परा को उजागर करती है। दोनों प्रथाओं के स्वरूप को, उनके मध्य मौजूद सन्तुलन और सामंजस्य का सारगर्भित व्याख्यान करती है।
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