Pawan Chauhan
Description
हिंदी में बाल साहित्य की बहुत समृद्ध परम्परा है। बाल साहित्य में वह समस्त साहित्य आता है जिसे बच्चों के मानसिक स्तर को ध्यान में रखकर लिखा जाता है। इस
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में रोचक, प्रेरणादायक कहानियाँ, लघु नाटक और कविताएँ प्रमुख हैं।
पवन चौहान द्वारा संपादित पुस्तक "हिमाचल का बाल साहित्य" इसी के अंतर्गत हिमाचल में लिखे जा रहे बाल साहित्य को संजोने का एक अच्छा प्रयास है। पुस्तक में जिन लेखकों की बाल रचनाएं ली गई हैं उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है। पवन चौहान अन्य विधाओं सहित वर्तमान में बाल साहित्य लेखन में भी सक्रिय हैं। उनकी रचनाएं देश की विविध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। उन्होंने पुस्तक को गद्य और पद्य दो खंडों में विभाजित किया है जिसमें 'हिमाचल के बाल साहित्य का इतिहास' सहित विभिन्न कालखंडों में रचित हिमाचल के बाल साहित्य की दशा और दिशा पर प्रकाश डाला गया है। एक साथ इतनी रचनाएं एक ही पुस्तक में लिए जाने से हिमाचल के बाल साहित्य को पाठकों तक पहुंचाने में यह निश्चय ही एक आधार पुस्तक होगी और बाल साहित्य के प्रचार-प्रसार में अपनी अहम भूमिका निभाएगी।
इस बाजारवाद और भूमंडलीय समय में यह अति आवश्यक हो गया है कि हिंदी के साहित्यकार बच्चों के लिए भी अच्छे और प्रेरक साहित्य की रचना करें ताकि उन्हें हिंदी और हिंदी साहित्य की ओर प्रेरित किया जा सके। बाल साहित्य जहां बच्चों का मनोरंजन करता है वहीं उनके व्यक्तित्व विकास में भी अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज जब नंदन और कई अन्य प्रतिष्ठित बाल पत्रिकाओं का प्रकाशन बंद हो गया है तो इस मुश्किल दौर में ऐसी पुस्तकें बाल साहित्य को एक सशक्त मंच प्रदान करेंगी। मेरी पवन चौहान को इस पुस्तक हेतु ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं। एस.आर. हरनोट
(वरिष्
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Genres
Literary Fiction
Tags
Literature & Fiction
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Repro India Limited
Month-Year
Oct, 2020
ISBN
ISBN-13: 9789388274883
ISBN-10: 9388274881
Language
Hindi
No. of Pages
184
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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