Mirza Ghalib
Description
उर्दू साहित्य में मिर्ज़ा असदउल्लाह खां 'ग़ालिब' का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। उनकी शायरी में ज़िन्दगी के वे सभी रंग मौजूद हैं, जिनके कारण उनकी शायर
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ी हरदिल अज़ीज़ बन गयीअपनी शायरी के बारे में उन्होनें एक शे'र कहा था, जो शायरी के शौक़ीनों की ज़बान पर रहता है ये मिसाइले तसव्वुफ़, ये तेरा बयान 'ग़ालिबतुझे हम वली समझते, जो न बादाख़्वार होताउर्दू अदब के मक़्बूल शायर मिर्ज़ा 'ग़ालिब' का नाम किसी तअर्रुफ़ का मोहताज नहीं। उनकी एक-एक शेर ख़ुद बोलकर उनका तअर्रुफ़ दे पाने की हैसियत रखता है। मिर्ज़ा 'ग़ालिब' के अशआर को पढ़कर उनकी ज़िन्दगी से वाक़िफ़ हुआ जा सकता है।
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Genres
History
Tags
Poetry
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Manjul Publishing
Month-Year
Oct, 2019
ISBN
ISBN-13: 9789389143553
ISBN-10: 9389143551
Language
Hindi
No. of Pages
212
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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