Maj Gen Shubhi Sood
Description
कहते हैं; अनिच्छा से चुना गया कैरियर सफल नहीं होता; पर लगन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता हो तो क्या नहीं हो सकता! विदेश पढ़ने न जाने देने के अपने प
...
िता डॉ. मानेकशॉ के निर्णय का विरोध करने के लिए सैम ने सेना में कमीशन लिया; और अपने अदम्य साहस; नेतृत्व कौशल और कुशल प्रशासनिक क्षमता के बल पर भारत के पहले फील्ड मार्शल बने।
बर्मा में गंभीर रूप से घायल होने के कारण युद्ध में साहस और वीरता के लिए उन्हें ‘मिलिट्री क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। तदुपरांत उन्हें अनेक महत्त्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए। इससे उनकी प्रतिभा निखरी और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ी; जिसने उन्हें उच्च कमान करने में दक्ष बनाया। अपने पूरे कैरियर के दौरान फील्ड मार्शल ने अतुल्य नैतिक साहस दिखाकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
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Genres
Biography & Memoir
Tags
Biography & Autobiography
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2009
ISBN
ISBN-13: 9788173157103
ISBN-10: 8173157103
Language
Hindi
No. of Pages
280
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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