R. Mawar, L. Ram, D. Sharma
Description
कृशि एवं कृशि उत्पादों का महत्व मानव जीवन में सर्वविदित है। उत्पादन की वृद्धि एवं उच्च गुणवत्ता वर्तमान समय की प्राथमिक आवष्यकता है। ‘‘फसलों के रोग’’
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कृशि उत्पादनों के मानवीय पहलू की महत्ता पर क ुठारघात है। यद्यपि कृशक अनुभव आधारित ज्ञान से इस समस्या के प्रबंधन में दिन-रात व्यतीत करता है परन्तु सटीक जानकारी एवं पहचान क्षमता के अभाव में किसान अपर्याप्त सफलता प्राप्त कर पाता है।यह पुस्तक कृशकों एवं पौध व्यधि षौद्यार्थियों के प्राथमिक स्तरीय रोग परिचय एवं प्रबन्धन की जानकारी को पुश्ट करने के उद्देष्य से लिखी गई है। मानसून आधारित कृशि में सिंचाई सुविधा के समावेष ने वर्श पर्यन्त लाभकारी फसलों जैसे अनाज, दालें, मसालें, फलों, सब्जियों तथा म ुद्रण फसलों का उत्पादन संभव बनाया है। किसानो द्वारा रोग की पहचान एवं सही उपचार हेतु विषेशज्ञ सम्पर्क हेतु व्यतित समयान्तराल में फसल का एक बड़ा भाग नश्ट हो जाता है। सरल हिन्दी भाशा में मुद्रित यह पुस्तक सभी षोधकत्र्ताओं को प्राथमिक स्तर पर रोग पहचान एवं संभावित उपचार विधियों में सहायता प्रदान करेगी, जो फसल उत्पादन बढ़ानें में अवष्यम्भावी हितकर सिद्ध होगी। पुस्तक का षैक्षणिक महत्व वर्धित करने हेतु अन्त में कृशि विज्ञान एवं पादप व्याधि उपचार एवं प्रतियोगिता आधारित प्रष्नोत्तरी का संकलन समावेषित किया गया है। जो समस्त परिक्षार्थियो के लिए ‘‘गागर में सागर’’ ज्ञान स्त्रोत का रूपक है।
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