मनीष सतपाल
Description
फिर रात होती है -हिंदी कविताओं का एक संवेदनशील संकलन है, जो नित्य जीवन, स्मृतियों, संबंधों, प्रकृति और आत्मचिंतन से प्रेरित है। ये कविताएँ सरल, भावपूर
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्ण और वास्तविक जीवन के अनुभवों से गहराई से जुड़ी हुई हैं। यह पुस्तक जटिल भाषा से प्रभावित करने का प्रयास नहीं करती, बल्कि जीवन, समय, पहचान, प्रेम, स्मृतियों और शांत आत्मचिंतन के क्षणों को एक सरल और सच्ची आवाज़ में व्यक्त करती है।इन कविताओं के माध्यम से पाठक बचपन की यादों, मित्रता, प्रकृति, बारिश, मौन और जीवन के उन छोटे-छोटे क्षणों की यात्रा करता है जो हमारे जीवन को आकार देते हैं। कई कविताएँ जीवन के ऐसे ठहराव जैसी लगती हैं, जहाँ पाठक अपनी ही स्मृतियों और भावनाओं को महसूस कर सकता है।यह पुस्तक केवल कविताओं का संग्रह नहीं है, बल्कि स्मृतियों, प्रश्नों, प्रेम, पीड़ा, आशा और जीवन के अनुभवों की एक यात्रा है। यदि आपको चिंतनशील कविताएँ, दार्शनिक कविता और जीवन व स्मृतियों पर आधारित लेखन पसंद है, तो यह पुस्तक आपको अपनी और परिचित सी लगेगी।
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