पीयूष रोहनकर
Description
आलोक शिर्के ने जब परीक्षाओं में सबसे बड़ी परीक्षा यू.पी.एस.सी. सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का फैसला किया तो उन्हें क्या पता था कि यह सफर किताबों और
...
क्लास करने से कहीं ज्यादा साबित होगा। घर की आरामदेह चारदीवारी से निकलकर वह ओल्ड राजेंद्र नगर की भीड़ भरी गलियों तक आए। संयोगवश सारा से हुई एक मुलाकात ऐसी थी, मानो किस्मत ने उनकी सारी मेहनत की भरपाई कर दी। उन लोगों से उनकी मुलाकात हुई जो जीवनभर के लिए साथी बन गए। प्यार, पछतावा, दोस्ती और सपनों के चकनाचूर होने की उनकी कहानियाँ शिर्के को जम्मू से टर्की तक, वेश्यालयों से अस्पतालों तक और गंदे-अँधेरे कमरों से यू.पी.एस.सी. के भव्य सभागारों तक ले जाती हैं। जिंदगी फिर से पटरी पर लौटती दिख रही थी कि तभी उनका सामना एक ऐसे सच से होता है जिसमें उन्हें और उनकी पूरी जिंदगी को बदलने की क्षमता है। क्या आलोक परीक्षा को पास कर लेंगे, या वह भी उन तमाम फौरन भुला दिए जाने वाले उम्मीदवारों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएँगे? क्या एक विचित्र खुलासे के बाद वह अपने जीवन को एक सुखद पलायन (ए प्लीजेंट एस्केप) के रूप में देखने लगेंगे?
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Genres
Religion & Spirituality
Tags
Body, Mind & Spirit
Numerology
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan Pvt. Limited
Month-Year
Sep, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789390900718
ISBN-10: 9390900719
Language
Hindi
No. of Pages
264
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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