अभिषेक शर्मा
Description
एक कटिंग चाय
मोहब्बत जीते समय या मोहब्बत में जीते समय हम वास्तविक दुनिया से किसी अलग ही दुनिया में चले जाते है, अपनी ही दुनिया में, अपनी काल्पनिक दुन
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िया में! जहाँ सब कुछ वैसा ही रहता है जैसा हम सोचते है, जहाँ वैसा ही होता है जो हम चाहते है! हम एक अपने ही बनाये भ्रम में जीने लगते है। जहाँ कुछ भी अलग नही होता या फिर ऐसा है कि हम अलग होने ही नही देना चाहते!
पर जैसे जैसे मोहब्बत का असर ख़त्म होता है वैसे वैसे हमे महसूस होता है कि हमारी बनाई वो खुशफ़हमी की दुनिया वास्तविक दुनिया से बिल्कुल अलग है और जैसे जैसे इन बातो का पता चलता है और हमारा भ्रम धीरे धीरे टूटने लगता है।
इसी काल्पनिक दुनिया से वास्तविक दुनिया में आने के सफ़र की कहानी है ये एक कटिंग चाय!
इश्क़ से असल दुनिया में आते समय मिलने वाली ख़ुशी, गम, परेशानी और सबब की दास्ताँ है एक कटिंग चाय!
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