Anshuman Roy Raja
Description
कोई भी लेख या कहानियाँ तब लोकप्रिय होती है,जन मानस द्वारा तभी आत्मसात किया जाता है ,जब वो सरल हो,सहज हो, संक्षिप्त हो एवं उसके पात्र,उसके कथानक का हमा
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रे जीवन और समाज से गहरा जुड़ाव हो। दुस्साहस एक ऐसा ही प्रयास है। ”दुस्साहस“ मौलिक रचनाओं का एक ऐसा गुलदस्ता है,जिसमे आपको लघु कथाये से लेकर, विरासतों का लेखा-जोखा ,जीवन संस्मरण एवं यात्रा संस्मरण के पुष्प प्राप्त होंगे।
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