Rajendra Yadav
Description
राजेन्द्र यादव नई कहानी की जमीन को हमवार करनेवाले अगली पंक्ति के कथाकारों में एक रहे हैं। शहरी मध्यवर्गीय समाज की वर्गगत विद्रूपताओं, विडम्बनाओं और पी
...
ड़ाओं का अत्यंत प्रामाणिक विश्वसनीय लेखा-जोखा उनके यहाँ मिलता है। जीवन के दैनिक प्रसंगों में निहित अन्तर्विरोध को उजागर करने के लिए कहानी के शिल्प में भी राजेन्द्र यादव ने अनेक प्रयोग किए हैं। मध्यवर्गीय मनोरचना की जटिल गुत्थियों को खोलने-समझने के लिए यह शायद जरूरी भी था। इस संकलन की कहानियाँ भी स्वातंत्रयोत्तर भारत के मध्यवित्त समाज के भीतर संक्रमण से गुजर रहे नैतिक मूल्यों, स्त्री-पुरुष सम्बन्धों, सामाजिक परिस्थितियों तथा इन सबके बीच पैदा हो रही नई दृष्टि को रेखांकित करती हैं। - डॉ. देवराज
Read more
Genres
No genres specified
Tags
No tags specified
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Rajkamal Prakashan
Month-Year
Sep, 2004
ISBN
ISBN-13: 9788171196517
ISBN-10: 8171196519
Language
Hindi
No. of Pages
175
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?