SARAT CHANDRA. CHATTOPADHYAY, Shartch Andra
Description
मंदिरों की अपार धनसंपदा हड़पने के लिए पुजारी, जमींदार तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति कितनी ओछी हरकतें कर सकते हैं, इस की एक मिसाल है शरत चंद्र चट्टोपाध्याय
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का यथार्थपरक उपन्यास ‘देना पावना’ जिस में चंडीगढ़ के एक मंदिर की बहुमूल्य संपत्ति हथियाने के लिए गांव के प्रतिष्ठित लोगों ने भैरवी को लांछित और अपमानित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी-
इस षड्यंत्र में नारी की भावनाओं और संवेदनाओं के साथ भी जम कर खिलवाड़ किया गया है, जिस की गहन एवं मार्मिक अभिव्यक्ति में शरतचंद्र ने कलम तोड़ दी है- संभवतया इसीलिए उन्हें ‘नारी वेदना का पुरोहित’ कहा जाता है।
भारतीय रचनाकारों की पहली पंक्ति में गिने जाने वाले कथाकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने परंपरागत बंधनों, संकीर्ण मानसिकताओं, हीनताओं, दुर्बलताओं के मायाजाल से निकाल कर हिंदू समाज, विशेषतया नारियों को उदार एवं व्यापक दृष्टि प्रदान करने का प्रयास किया है। शरतचंद्र की लोकप्रियता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि उन की रचनाओं का भारतीय ही नहीं, विश्व की प्रायः सभी प्रमुख भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Classics
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Diamond Pocket Books (P) Ltd.
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9788128802966
ISBN-10: 8128802968
Language
Hindi
No. of Pages
144
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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