Ram Bansal
Description
मनुष्य प्रारंभ में कल्पना भी नहीं कर पाया था कि कंप्यूटर एक दिन मानवीय जीवन में इतना महत्त्वपूर्ण हो जाएगा कि मनुष्य अपने नित्य प्रति के कामों में भी
...
इसका उपयोग करने लगेगा । इसीलिए कल्पना की उड़ान के माध्यम से वह एक ऐसे बिंदु पर पहुँचा था, जहाँ उसने एक मामूली से उपकरण का नाम ' माइक्रो कंप्यूटर ' रखा था । उसी माइक्रो कंप्यूटर ने आज कंप्यूटर जगत् पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया है तथा मानव जीवन के प्रत्येक आयाम में अपना योगदान देकर महत्त्वपूर्ण अधिकार पा लिया है । यह अब बड़े संगठनों की आवश्यकताओं की पूर्ति से उतरता हुआ व्यक्ति की आवश्यकताओं की पूर्ति तक आ पहुँचा है । इसलिए इसे ' पर्सनल कंप्यूटर' कहा जाने लगा है । वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पर्सनल कंप्यूटर ऐसे सर्वोपयोगी एवं सर्वसुलभ साधन हैं, जो व्यक्तियों की कार्यक्षमताओं में अभिवृद्धि करते हैं; वे व्यक्ति चाहे स्वयं सिद्धहस्त हों अथवा बड़े संगठनों के अंग । छोटी सी कार्यालय मेज पर अथवा व्यक्ति की गोद में समाए जा सकनेवाले ये कंप्यूटर इतनी विविधताओं, विविध क्षमताओं तथा विविध आकारों में उपलब्ध हैं कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी आवश्यकतानुसार एक पर्सनल कंप्यूटर का स्वामी बन सकता है । इसी पुस्तक से
कंप्यूटर के परिचालन में कौन-कौन से तत्त्व आवश्यक हैं? इन तत्त्वों की सहायता से कंप्यूटर का किस प्रकार आसानी के साथ परिचालन किया जा सकता है? इन सभी बातों की जानकारी सरल भाषा में चित्रों के साथ इस पुस्तक में दी गई है, जो कि नवप्रशिक्षुओं के साथ- साथ आम पाठक के लिए भी ज्ञानवर्द्धक होगी ।
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Genres
No genres specified
Tags
Computers
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2009
ISBN
ISBN-13: 9788185830865
ISBN-10: 818583086X
Language
Hindi
No. of Pages
148
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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