Suryakant Tripathi Nirala
Description
हिन्दी कथा-साहित्य की यथार्थवादी परम्परा में निराला की कथाकृतियों का एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। उनकी प्रायः हर कथाकृति का परिवेश सामाजिक यथार्थ से अनुप
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्राणित है। यही कारण है कि उनके कतिपय ऐतिहासिक पात्रों को भी हम एक सुस्पष्ट सामाजिक भूमिका में देखते हैं। चोटी की पकड़ यद्यपि ऐतिहासिक उपन्यास नहीं है, लेकिन इतिहास के खँडहर इसमें पूरी तरह मौजूद हैं। इन्हीं खँडहरों के बीच नया इतिहास लिखा जा रहा है। बदलते समाज में टूटने और जुड़ने की प्रक्रिया चल रही है। स्वाधीनता की देवी जनता के हाथों अभिषिक्त होने जा रही है। स्वदेशी आन्दोलन की अनुगूँजें हर ओर सुनाई पड़ रही हैं, जिससे कुछ राजा और सामन्त भी उसका समर्थन करने को विवश हैं। लेकिन इस कथा-परिवेश में जितने भी चरित्र हैं, उनमें एक मुन्ना बाँदी भी है। अविस्मरणीय चरित्र है यह, जिसे निराला ने गहरी सहानुभूति से गढ़ा है।
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