Devakinandan Khatri
Description
'चंद्रकांता' उपन्यास की जबरदस्त सफलता के बाद पाठकों की अत्यंत माँग पर देवकीनंदन खत्री ने "चंद्रकांता संतति" को लिखा था। "चंद्रकांता संतति" में देवकीनं
...
दन खत्री ने 6 उपन्यास लिखे हुए है और हर उपन्यास में 4 भाग है। हर एक भाग में कई सारे बयान मौजूद है। "चंद्रकांता संतति" में देवकीनंदन खत्री ने 'चंद्रकांता' उपन्यास में शुरू हुई लौकिक प्रेम कहानी को ही आगे बढ़ाया हुआ है। 'चंद्रकांता संतति' - भाग ६ यह इस उपन्यास का अंतिम भाग है। जिसमें तिलिस्म का राज खुल जाता है और हर मुश्किलों का अंत हो जाता है। अंत में राजा वीरेंद्र सिंह जो तिलिस्म के असली हक़दार होते है अपनी पत्नी चंद्रकांता और अपने बेटों इंद्रजीत सिंह और आनंद सिंह के साथ तिलिस्म में रहते है। साथ ही रोहतगढ़ के तहखानों में भी घूमते है और उसके बाद अपने पुरे परिवार के साथ खुशी-खुशी अपना पूरा जीवन बिताते है।
Read more
Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Suspense
Thrillers
Classics
Reading Moods
Dark & Gritty
Romantic & Emotional
Whimsical & Imaginative
Adventurous & Action-Packed
Epic & Grand
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
True Sign Publishing House
Month-Year
Mar, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789354624896
ISBN-10: 9354624898
Language
Hindi
No. of Pages
218
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?