Devakinandan Khatri
Description
'चंद्रकांता' उपन्यास की जबरदस्त सफलता के बाद पाठकों की अत्यंत माँग पर देवकीनंदन खत्री ने "चंद्रकांता संतति" को लिखा था। "चंद्रकांता संतति" में देवकीनं
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दन खत्री ने 6 उपन्यास लिखे हुए है और हर उपन्यास में 4 भाग है। हर एक भाग में कई सारे बयान मौजूद है। "चंद्रकांता संतति" में देवकीनंदन खत्री ने 'चंद्रकांता' उपन्यास में शुरू हुई लौकिक प्रेम कहानी को ही आगे बढ़ाया हुआ है। 'चंद्रकांता संतति' - भाग ४ में एक जममनिया तिलिस्म का जिक्र किया। भूतनाथ नाम का पात्र कैद से आजाद हो जाता है और लामाघटि की ओर बढ़ जाता है और भूतनाथ गोपाल सिंह के पास जाकर को किशोरी कमलिनी, लक्ष्मी देवी, भगवानिया, श्यामसुंदर सिंह और बलभ्रद सिंह का सारा हाल सुनकर रोहतगढ़ में घटित हर घटना को बताता है। लक्ष्मी देवी की मां को जहर देकर मार दिया जाता है और शादी के बाद अय्यारी से बहार कोठीमैबंद कर दिया जाता है, जो कि अय्यारी जागता नमूना होता है।
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Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Classics
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
True Sign Publishing House
Month-Year
Mar, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789354624452
ISBN-10: 9354624456
Language
Hindi
No. of Pages
240
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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