Narayan Bhakta
Description
घूमना-फिरना मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। देशाटन हमेशा से ज्ञानार्जन का सशक्त माध्यम रहा है। आज पर्यटन एक उद्योग का दर्जा हासिल कर चुका है। पर्यटन
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की दृष्टि से हमारे देश में अनेक अनोखी चीजें; दर्शनीय स्थल; ऐतिहासिक दुर्ग; भव्य एवं प्राचीन महल तथा आध्यात्मिक तीर्थस्थल हैं। दुनिया के सात अजूबों में एक; प्रेम का प्रतीक ताजमहल भारत का प्रतीक बन गया है। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार पर्यटन को खूब प्रोत्साहन दे रही है।
प्रस्तुत पुस्तक धरती के स्वर्ग कश्मीर से लेकर अंडमान; गोवा; पांडिचेरी; खजुराहो; मांडू; कुल्लू घाटी; कोणार्क; उद्यानों-झीलों के नगर उदयपुर; प्रयागराज; घाटों की नगरी बनारस; सैलानियों का स्वर्ग राजगीर; कालिदास की नगरी उज्जैन; ऐलिफेंटा की गुफाएँ तथा हसीन वादियों का घर दार्जिलिंग आदि स्थलों की रोमांचक और रमणीय सैर कराती है। प्रत्येक स्थल की सांगोपांग जानकारी उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ दी गई है। पुस्तक में विषयवस्तु इस प्रकार से सँजोई गई है कि पढ़ते समय देश भर की रमणीकता और भव्यता पाठक के सामने साकार हो जाती है और मनोहारी दृश्य मानस-पटल पर जीवंत हो जाते हैं।
यह पुस्तक जहाँ सुधी पाठकों को भारत की सैर कराएगी; वहीं बहूपयोगी जानकारी से उनका ज्ञानवर्द्धन भी करेगी।
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Genres
Biography & Memoir
Tags
Biography & Autobiography
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2009
ISBN
ISBN-13: 9788190734172
ISBN-10: 8190734172
Language
Hindi
No. of Pages
248
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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