Pratap Sehgal
Description
बुल्लेशाह - जैसा कि इतिहास बताता है कि धर्म के पाखण्ड का प्रतिरोध करने वालों को या तो मार दिया जाता है, या उन्हें देश से निर्वासित कर दिया जाता है। यह
...
ी बुल्लेशाह के साथ भी हुआ। अपनी प्रेम-भावना और लोक-प्रियता के बावजूद उसे भी अन्ततः कसूर से निकाल दिया गया लेकिन वह तो पीर था। उसने भी कसूर की सीमा पर ही अपना अलग हुजरा बना लिया। बुल्लेशाह एक संगीत प्रधान नाटक है। एक ऐसे अभिनेता की ज़रूरत इस नाटक को है कि बुल्लेशाह की भूमिका करने वाला अभिनेता न केवल संगीत का अच्छा जानकार हो, वह अच्छा गाता भी हो। नाटक में न कोई अंक है और न ही दृश्य संख्या दी गयी है। एक दृश्य से दूसरे दृश्य तक का संचरण सहज होता चला जाता है।
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Genres
No genres specified
Tags
Performing Arts
Theater
Playwriting
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Vāṇī Prakāśana
Month-Year
Jan, 2022
ISBN
ISBN-13: 9789355181756
ISBN-10: 9355181752
Language
Hindi
No. of Pages
184
Format
Paperback
Awards & Recognition
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First Reviewed by
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