गौरव अलौदा वाला
Description
"बस तुम" केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों की एक सच्ची अभिव्यक्ति है। इस पुस्तक की कविताएँ प्रेम, विरह, तलाश, आत्मसंवाद और रिश्तों की
...
सूक्ष्म भावनाओं को स्पर्श करती हैं। इन रचनाओं में खेतों की सोंधी मिट्टी भी है और मन की कोमल कलियाँ भी। कहीं अधूरा प्रेम है, कहीं उम्मीद की लौ, तो कहीं संघर्ष के बाद मिली समझदारी। हर कविता जीवन के किसी न किसी वास्तविक अनुभव से जुड़ी हुई प्रतीत होती है। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो शब्दों में अपना अक्स ढूँढते हैं और भावनाओं में सच्चाई तलाशते हैं। अंततः, यह एक ऐसी यात्रा है जो अनेक एहसासों से होकर गुजरती है और हर बार एक ही भाव पर आकर ठहर जाती है —बस तुम।
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