Sadachari Singh Tomar
Description
संभवतः यह अपने आप में विश्व की एकमात्र पुस्तक है, जिसमें लेखक ने शासकीय कार्य करते हुए तीन वर्षों तक अध्ययन करके रु. 2000 करोड़ के घपलों को उजागर किया
...
, जिनकी जाँच के कारण भारत सरकार के सचिव को उसके पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया। अब बारी आई थी कृषि मंत्री को पद से हटाने की। गठजोड़ की सरकार में इस मंत्री के पास इतने सांसद थे कि यदि वह अपना समर्थन वापस ले लेता तो सरकार धराशायी हो जाती। इस परिस्थिति का फायदा लेकर उसने सी.बी.आई. की जाँच आगे बढ़ाने के बदले एक अन्य अधिकारी से जाँच करवाकर इस हटाए गए सचिव को वापस पद पर बैठा दिया। इस पर लेखक ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की; फलस्वरूप पद पर वापस आकर बैठे सचिव को भारत शासन की नौकरी एवं देश छोड़कर विदेश भागना पड़ा था। उस अवधि में देश में मिली-जुली सरकार थी और भ्रष्टाचार का आलम ऐसा था कि ईमानदार लोग खौफ में जीते थे। यह पुस्तक भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे अधिकारियों-राजनीतिज्ञों के घपलों-घोटालों का पर्दाफाश करती है और भ्रष्टाचार की विषबेल को जड़ से उखाड़ फेंकने का संदेश देती है।
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Genres
Politics & Social Issues
Tags
Political Science
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789386870452
ISBN-10: 9386870452
Language
Hindi
No. of Pages
224
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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