H. K. Joshi
Description
"भूत, प्रेत, पिशाचों की एक अपनी दुनियाँ हैं, जो हमारी दुनियाँ की ही तरह है, जिस तरह हम लोग अपने क्रिया कलाप करते हैं ठीक इसी तरह यह भी कार्य करते हैं।
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आज वैज्ञानिक आत्मा के अस्तित्व को नकार नहीं सकते। हमारा उद्देश्य
मनोरंजन मात्र है, किसी को भयभीत करना या अंधविश्वास को बढ़ाना नहीं बल्कि उस की वास्तविकता को बताना है।“
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