Ravindra Kumar Dubey
Description
प्रत्येक काल में मनुष्य के ज्ञान की एक सीमा रही है । अज्ञात क्षेत्र का ज्ञान प्राप्त करने के प्रयास सदैव जारी रहे हैं । प्राचीन भारत में ज्योतिष विज्
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ञान एक प्रमुख विज्ञान था । लेकिन किसी भी विषय का सामान्य ज्ञान जनसाधारण को न होने की दशा में उस विषय के प्रति जनसामान्य में अनेक भ्रांतियाँ पैदा हो जाती हैं । वैसा ही कुछ ज्योतिष के बारे में भी है । लेकिन ज्योतिष एक पूर्ण विज्ञान है । जनसामान्य को ज्योतिष की विज्ञान-सम्मत जानकारी हासिल कराना; वह ज्योतिष के अर्द्धज्ञानी व्यक्तियों की ' पैसा खींचू मानसिकता ' का शिकार न बने तथा ज्योतिष विज्ञान के वास्तविक लाभ अपने परिवार एवं समाज हेतु प्राप्त हों—ये ही इस पुस्तक के उद्देश्य हैं ।
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Genres
Religion & Spirituality
Tags
Body, Mind & Spirit
Astrology
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2021
ISBN
ISBN-13: 9789383111817
ISBN-10: 938311181X
Language
Hindi
No. of Pages
144
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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