Nadeem Hasnain, Translated By Niraj Kumar
Description
भारतीय समाज के विभिन्न पहलुओं पर निबन्धात्मक पुस्तकों से अलग यह एकमात्र विशिष्ट पुस्तक है। महिलाओं के प्रजनन और यौन अधिकार, सहमति की उम्र और ‘मी टू’ आ
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न्दोलन : पितृसत्तात्मक व्यवस्था पर एक कुठारघात, बहुसंख्यकवाद और लोकतन्त्र, अन्तर-धार्मिक विवाह, सामाजिक सीमाओं से परे प्यार करने की हिम्मत, यौन अल्पसंख्यक (एलजीबीटीक्यू), इंटरनेट का सामाजिक प्रभाव, जनजातीय अशान्ति और प्रतिरोध, लोक बुद्धिजीवियों की भूमिका, भारत : एक सेल फ़ोन राष्ट्र, विकासात्मक परियोजनाएँ और लोगों का विस्थापन जैसे अनेक गम्भीर मुद्दों पर बेबाक निबन्धों को प्रसिद्ध समाज वैज्ञानिक नदीम हसनैन द्वारा इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। स्पष्ट रूप से लिखे गये ये 50 निबन्ध भारतीय समाज के लगभग सभी प्रमुख पहलुओं को रेखांकित करते हैं। यह बाज़ार में उपलब्ध एकमात्र पुस्तक है जो भारतीय समाज के सामान्य अध्ययन के अलावा प्रतियोगात्मक परीक्षाओं, सामयिकी और साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण के लिए भी उपयोगी व सार्थक सिद्ध होगी।
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