Chakradhar Semwal
Description
‘गागर में सागर’ यानी कुछ किताबी पन्नों में शस्य-श्यामला माँ भारती का अतुल वैभव समेटने का यह विनम्र प्रयास है। मानव सभ्यता के प्रामाणिक वैज्ञानिक दस्ता
...
वेज; हमारे शिल्पियों एवं वास्तुकारों से निर्मित भारत के सात महान् आश्चर्य; योग-आयुर्वेद के चमत्कारी नुस्खे; अणु-परमाणु; अंतरिक्ष यान; परखनली शिशु के मूल स्रोतों की समीक्षा; संगीत एवं त्योहारों की रसधाराएँ; विश्व के समुद्री कुंभ मेले का सजीव चित्रण; प्रकृति एवं पर्यावरण की समीक्षा; भारत की अतुल धन-संपदा एवं आजादी के प्रतीक चित्तौड़गढ़ किले का विशद वर्णन तथा अनेकता में एकता के समावेश से पुरातन एवं वर्तमान के महामिलन का संयोग अनायास ही सुलभ हुआ है।
समुद्र-मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों की तरह ही शायद यह अतुल वैभव भी पौराणिकता के लबादे में हमारी आँखों से ओझल हो जाता; परंतु भला हो उस आधुनिक परमाणु बम के जनक रॉबर्ट ओपेनहाइमर एवं अन्य पाश्चात्य विद्वानों का; जिन्होंने खुले मन से आज की औद्योगिक एवं विज्ञान की क्रांतियों का श्रेय हमारे ज्ञान के खजानों; वेद; उपनिषद्; रामायण; पुराण एवं गीता को प्रदान किया है।
भारत के गौरवशाली अतीत का जयघोष करनेवाली अत्यंत पठनीय कृति।BHARAT VAIBHAV by CHAKRADHAR SEMWAL: "BHARAT VAIBHAV" authored by CHAKRADHAR SEMWAL is likely a book that explores and celebrates the grandeur and richness of India.
Key Aspects of the Book "BHARAT VAIBHAV":
Indian Grandeur: The book may offer insights into the cultural, historical, and geographical richness of India.
National Pride: It might evoke a sense of pride and admiration for the diverse heritage and traditions of India.
Exploration: "BHARAT VAIBHAV" could be an exploration of the multifaceted aspects of India's cultural and geographical tapestry.
CHAKRADHAR SEMWAL, the author, may be recognized for works that celebrate India's cultural diversity and grandeur.
Read more