झा, पुष्कर नाथ
Description
यह कविता संग्रह लेखक के जीवन के उन क्षणों की अभिव्यक्ति है, जहाँ शब्द स्वयं भावनाओं का रूप ले लेते हैं। ये कविताएँ तब जन्म लेती हैं जब लेखक अपने विचार
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ों में गहराई से डूबे होते हैं - कभी अकेलेपन में, कभी स्मृतियों में, तो कभी जीवन के प्रश्नों के सामने खड़े होकर। इस संग्रह की हर कविता जीवन के किसी न किसी चरण से जुड़ी है - प्रेम, विरह, आशा, संघर्ष, स्वीकार और आत्मसंवाद से होकर गुज़रती हुई। ये कविताएँ कल्पना नहीं, बल्कि अनुभव हैं; जो महसूस किया गया, वही लिखा गया।
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