Sirshree
Description
जिंदगी को नया मोड़ देनेवाली कहानी
क्या इंसान गलत होता है या उसके अंदर की वृत्तियाँ या बाहर की परिस्थितियाँ? यह मनन करने योग्य प्रश्न है।
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अकसर लोग दूसरों के बारे में राय बनाते नज़र आते हैं। दरअसल वे सामनेवाले की वृत्तियों को देखते हुए अपनी राय कायम कर लेते हैं। हरेक बदल रहा है पर लोगों की राय नहीं बदलती। यह तब तक नहीं बदलती जब तक कोई ऐसी घटना नहीं घटती जो उस इंसान का असली चरित्र लोगों के सामने लाकर रख दे।
इस कहानी का हीरो ‘आनंद’ भी कुछ ऐसी समस्याओं से घिरा है। उसका अतीत, वर्तमान पर हावी है। अपने अतीत को छोड़ वह जीवन के नए अर्थ को तलाशने निकलता है।
* क्या वह जीवन के अर्थ को ढूँढ़ पाता है?
* क्या वह अपने अतीत की बुराइयों से निकल पाता है?
* क्या उसके जीवन में कोई नई रोशनी लेकर आता है?
* क्या उसका भविष्य परिवर्तित हो पाता है?
* अशांति से दूर होकर वह कैसे शांतिदाता बन पाता है?
इन सभी सवालों का रोमांचक लेकिन सच्चा जवाब आपके हाथ में है।
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Genres
Self-Help & Personal Development
Tags
Self-Help
Body, Mind & Spirit
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Wow Publishings Pvt Ltd
Month-Year
Mar, 2020
ISBN
ISBN-13: 9788194467540
ISBN-10: 8194467543
Language
Hindi
No. of Pages
112
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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