Nigar Afsha Siddique
Description
अर्श अर्थात आकाश इस पुस्तक का नाम अपने आप मे ही दर्शाता है के मनुष्य ज़मीन पे रहकर आसमान को छुने की कल्पना करता है। वह अपने आपको अपने सपने को इतना महत
...
्व देता है। अपने सपने को साकार करने के खातिर वह हर मुमकिन प्रयास करता है। इस दौरान उसे कई मुश्किलातों का सामना करना पड़ता है । परन्तु वह अपने सपने के प्रति अपने भाव को लेके बेहद संवेदनशील होता है। इसलिए यह पुस्तक का उद्देश्य केवल उन्हीं सपनो को पंख़ देना है। हर इंसान के अंदर एक छोटा सा बच्चा छुपा होता है। जो वक्त के साथ ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दब के अपने सपनो को त्याग देता है। इस पुस्तक के माध्यम से हम उसी छोटे बच्चे को बाहर निकाल उसके सपने को ज़िंदा करना है। इस पुस्तक में भिन्न भिन्न कलाकारों के कला का प्रदर्शन हैं। जो भिन्न भिन्न जगहों से एक जुट होकर प्रेरित करते हैं। आशा करती हूं कि इस पुस्तक से आप भी अपने अंदर छिपे बच्चे को जीवित कर अपनी कला को आकार देने मे सक्षम रहे। इस पुस्तक "अर्श" मे हर कवि ने अपने तरफ़ से एक सामाजिक सूचना देते हुए आपको प्रेरणा प्रदान करने का एक प्रयास किया है। इस संदेश को समझकर आप अपने जीवन मे कुछ बदलाव लाए क्यूंकि बदलाव ही जीवन का आधार हैं ।
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Genres
History
Tags
Anthologies (multiple authors)
Poetry
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
True Dreamster
Month-Year
Feb, 2021
ISBN
ISBN-13: 9788194983767
ISBN-10: 8194983762
Language
Hindi
No. of Pages
89
Format
E-book
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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