Suman Vajpayee
Description
अभिभावक की भूमिका बच्चों की सोच को दिशा देने में बहुत महत्त्व रखती है। माता-पिता उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव लाकर बच्चों के जीवन में परिवर्तन ला सकते
...
हैं। केवल सोच ही वह चीज है; जो हार को भी जीत में बदल देती है।
चींटी दीवार पर चढ़ने के प्रयास में बार-बार गिरती है; पर फिर भी वह हिम्मत नहीं हारती। लगातार प्रयास करते हुए अंतत: वह दीवार पर चढ़ने में सफल हो जाती है; हालाँकि वह तो इतना नन्हा प्राणी है कि उसे तो पहले ही प्रयास में निराश हो जाना चाहिए था; पर ऐसा नहीं होता है। फिर एक बालक; जिसमें काम करने की लगन हो; बुद्धि हो; शक्ति हो; तब वह निराशा को क्यों गले लगाए?
अभिभावक बच्चे की हर सफलता पर उसे आश्वस्त करें कि उसमें क्षमता है; योग्यता है। हारने पर भी अपने प्यार में कमी न आने दें; अत्यधिक अपेक्षाएँ भी उससे न रखें। अत: एक अभिभावक के नाते आप अपने बच्चे के मार्गदर्शक; पालक; संरक्षक एवं सुरक्षा-कवच बनें।
बच्चों को आत्मनिर्भर; अनुशासित; दृढ़ इच्छाशक्तिवाला एवं विजेता बनानेवाली एक व्यावहारिक दिशा-निर्देशक पुस्तक; जो माता-पिता ही नहीं सभी आम और खास के लिए पठनीय है।
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Genres
Self-Help & Personal Development
Tags
Self-Help
Personal Growth
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Prabhat Prakashan
Month-Year
Jan, 2009
ISBN
ISBN-13: 9789380186061
ISBN-10: 9380186061
Language
Hindi
No. of Pages
136
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
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First Reviewed by
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