Francois Gautier
Description
कौतुकप्रिय, भोले- भाले से, इतने मुदित, इतने पारंगत, सदैव मुसकराते रहनेवाले वे गुरु वास्तव में कौन हैं, जिनका लक्ष्य है-' जो उनके संपर्क में आए, सदा मु
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सकराते रहने का प्रसाद पाए ' । वे हैं गुरुजी श्रीश्री रवि शंकर-विश्व की सबसे बड़ी सामाजिक- आध्यात्मिक गैर-सरकारी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक । यह पुस्तक उनके प्रेरणाप्रद जीवन की अंतरंग झलकियाँ प्रस्तुत करती है । इस पुस्तक में उनकी संस्था, उनके द्वारा निर्मित ' कल्याणकारी श्वास कार्यशाला ' और चमत्कारी एवं रूपातरकारी ' सुदर्शन क्रिया ' का परिचय है । और एक ऐसे व्यक्ति का परिचय है, जो 'किसी धर्म का प्रचार नहीं करता वरन् अपने ही आनंदस्वरूप व्यक्तित्व से वास्तविक आध्यात्मिकता का पाठ पढ़ाता है-' सदा आनंदित रहना' ।विश्व के 140 से भी अधिक देशों में उनकी उपस्थिति, प्रेम-प्रसाद और विभिन्न विधियों से अनगिनत लोगों के जीवन में रूपांतरण हुआ है । गुरुजी ने संयुक्त राष्ट्र, विश्व आर्थिक मंच और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के होनहार युवाओं को संबोधित किया है; संघर्ष और कलह से पीड़ित संसार में प्रेम का संदेश पहुँचाया है तथा मानव-मूल्यों को पुनरुज्जीवित किया है ।
जीवन के आनंद का बोध करानेवाले आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकरजी की प्रेरणादायक जीवनगाथा ।
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