Shekhar Nalin
Description
यह पुस्तक एक कथा-संग्रह है। इसमें कुल बारह कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ भिन्न-भिन्न काल की हैं।अधिकांश कहानियों की पृष्ठभूमि बिहार की है।
कहानियों के पा
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त्र वास्तविक जीवन से लिए गए हैं; और कहानियों में अनुभूत सत्य का वर्णन है। कहानी 'अनुशासन' एक विचार या आइडिया का फैलाव है पर पात्र इसके भी वास्तविक हैं।
'रिश्तों का क्या' में एक लंबा कालखण्ड समाहित है; वैसा ही कुछ 'फ़रिश्ते' में है। पात्रों की भी बहुतायत है इनमें । ये कहानियाँ लघु उपन्यासिकायें जैसी लग सकती हैं। 'जया दी' जहाँ जीवन से हार जाने की कहानी है वहीं 'जिजीविषा' लड़ने के जज़्बे की दास्तान है।
कथ्य के तौर पर कहानियों में विभिन्नता है, एक ही गूँज नहीं है। कुछ कहानियाँ एक दिन की घटना हैं, तो कुछ में बरसों का जिक्र है; किसी का मुख्य पात्र आई. पी. एस. अधिकारी है तो किसी की नायिका गृह सेविका। पर हैं सब के सब हमारे इर्दगिर्द के ही।
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