Himanshu Shekhar
Description
यह पुस्तक खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो आने वाले दिनों में आर्थिक और बिजनेस पत्राकारिता करने की इच्छा रखते हैं। उन लोगों के लिए भी यह पुस्तक बेहद उ
...
पयोगी है जो पहले से पत्राकारिता के इस क्षेत्रा में काम कर रहे हैं, लेकिन अपनी समझ कोे और विस्तार देना चाहते हैं। 1991 से शुरू हुए आर्थिक उदारीकरण के बाद जिस तेजी से मीडिया का विस्तार हुआ उतना कभी नहीं हुआ। मीडिया के इस विस्तार के साथ-साथ देश में आर्थिक पत्राकारिता भी आगे बढ़ी है और अब तो हिंदी में भी कई आर्थिक और बिजनेस अखबार, पत्रिकाएं, खबरिया चैनल और वेब पोर्टल चल रहे हैं। वहीं मुख्यधारा की मीडिया में भी आर्थिक खबरों का महत्त्व पिछले कुछ सालों में कापफी बढ़ गया है। इसलिए अब किसी भी तरह की पत्राकारिता करने वाला पत्राकार दावे के साथ यह नहीं कह सकता कि उसका आर्थिक खबरों से कोई लेना-देना नहीं है। इन्हीं जरूरतों को समझते हुए इस पुस्तक में उन सभी बातों को शामिल किया गया है जोे आर्थिक और बिजनेस पत्राकारिता में आने वाले या पिफर पहले से काम कर रहे लोगों की आर्थिक समझ को गहराई देगी।
Read more
Genres
Literary Fiction
Tags
Fiction
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
ALPHA ED
Month-Year
Jun, 2020
ISBN
ISBN-13: 9789350831625
ISBN-10: 9350831627
Language
Hindi
No. of Pages
184
Format
Paperback
Awards & Recognition
No awards specified
Available at
No purchase options available
First Reviewed by
Claim the Book
Are you an author of this book?
Report
Found an issue or correction?