Shri Ram Roy
Description
सुनो ध्मान से कान रगाकय, अर्जफ मे ककस्सा कुसी का, ऩस्त है जनता, भस्त हैं नेता, गजफ तभाशा कुसी का... कबी उताये, कबी फैठा दे, अऩनी धुन ऩय नाच नचा दे, फॊ
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ददमों को बी खूफ रयझा दे, सफको उनकी औकात फता दे, खेर कये खुदगजी का, खूफ ततशरस्भ है कुसी का... हसीनाओॊ से बी अचधक हसीॊ, इसके भुकाफरे कोई नहीॊ, कहीॊ फाहुफर तो कूटनीतत कहीॊ, हय मुग भें सवोऩरय यही,
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