Dr. Madhu Dhawan
Description
यह नाटक 21वीं सदी की ऐसी तस्वीर पाठकों सामने पेश करता है जो हमारे समय का यथार्थ है। विज्ञान की अभूतपूर्व प्रगति, औद्योगिकी और प्राविधिक यंत्रों को चक
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ाचौंध कर देने वाले विकास मानव-संसार के उपयोगी साधन....। हम सब इससे परिचित हैं और इसका फायदा भी उठा रहे हैं। यहा नाटक सवाल उठता है की इतने विकस्स के बाद भी समाज पतन की ओर अग्रसर क्यो हो रहा है, आज अपने देश की सीमाएं इतनी अधिक संवेदनशील, असंतोषजनक, ध्वंसकारी है कि हिंसा, आतंक, आदि वैश्विक समस्याएँ बनी हुई है। यह नाटक विश्व कल्याण कि बात कारता है।
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