Bachchan Singh
Description
आधुनिक युग इतनी तेजी से बदल रहा है और बदल रहा है कि साहित्य के बदलाव से भी उसे समझा जा सकता है । इस बदलाव को क्षिप्रतर बदलाव को साहित्य और इतिहास दोनो
...
ं के संदर्भों में एक साथ पकड़ना ही इतिहास है । यह पकड़ तब तक विश्वसनीय नहीं हो सकती जब तक समसामयिक अखबारी साहित्य को श्रेष्ठ भविष्योन्मुखी साहित्य से अलगाया न जाय । प्रत्येक युग का आधुनिक काल ऐसे साहित्य से भरा रहता है जो साहित्येतिहास के दायरे में नहीं आता । किन्तु यह जरूरी नहीं है कि हम अपने इतिहास के लिए ग्रंथों का जो अनुक्रम प्रस्तुत करेंगे वह कल भी ठीक होगा, अपरिवर्तनीय होगा । इस नये संस्करण में कुछ पुरानी बातों को बदल दिया गया है और नये तथ्यों के आधार पर उनका नया अर्थापन किया गया है । इस संस्करण को अद्यतन बनाने के लिए बहुत सारे लेखकों, कवियों और रचनाकारों को भी सम्मिलित कर लिया गया है अब यह अद्यतन रूप में आपके सामने है ।
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Genres
No genres specified
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Subjects
Reading Moods
No reading moods specified
Contributors
No contributors specified
Publishing Info
Publisher
Lokbharti Prakashan
Month-Year
Sep, 2007
ISBN
ISBN-13: 9788180311017
ISBN-10: 8180311015
Language
Hindi
No. of Pages
395
Format
Hardcover
Awards & Recognition
No awards specified
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First Reviewed by
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