Yatish Agarwal
Description
सच्चा सुख जीवन को भरपूर रूप से जीने में ही है। लेकिन जिंदगी के सफर में कुछ क्षण सुख के होते हैं, तो कुछ कष्ट मंे भी गुजरते हैं। यह सच है कि कुछ कष्ट उ
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न रोग- विकारों से जाग्रत होते हैं जिन पर हमारा वश नहीं चलता, किंतु बहुतेरे हमारी अपनी लापरवाही की उपज होते हैं। समाज में फैले तरह-तरह के अंधविश्वास, मिथक और मानव धर्म के उसूलों को ताक पर रख मात्रा धन अर्जित करने की लालसा में फैलाए गए मायाजाल और भ्रामक विज्ञापनों से भी हम गुमराह हो कई बार गलत रास्ते पर चल पड़ते हैं। जरूरत सिर्फ सच्चाई जानने और फिर जीवन में उसे उतारने की है। हम क्या खाएं, क्या न खाएं कि शरीर और मन हृष्ट-पुष्ट रहे; अपने बच्चों की देखभाल और संभाल हम कैसे करें कि उनका नटखट बचपन फूलों की तरह खिला हुआ और मुस्कराहट से भरा रहे; युवा उम्र में किशोर-किशोरियों के मन में उठनेवाली उलझनें समझ हम उनका सच्चा समाधान दे सकें; स्त्री जीवन में आने वाली कठिनाइयों और आम समस्याओं से उबरने के सरल नुस्खे हम जान सकें; मातृत्व पर्व का समय सुख में बीते और वैवाहिक जीवन को प्यार के गीतों से सजाए रखने के संुदर रहस्य हम जान सकें तो जीवन सदा आनंद के चिर खिले रहने वाले फूलों की खुशबू से महकता रहेगा। प्रस्तुत कृति में जीवन से जुड़े इन तमाम व्यावहारिक पहलुओं पर दो-टूक साफ-सुथरी जानकारी देने के साथ-साथ पेशे से चिकित्सक डॉ. यतीश अग्रवाल और जीवविज्ञानी डॉ. रेखा अग्रवाल ने सलोनी काया रेशमी बाल, मन-मस्तिष्क की वीणा, अंखियों ही अंखियांे में, दांतों और मसूढ़ांे का टोला, द ईएनटी एंड रेस्पीरेटरी क्लीनिक, हार्ट टू हार्ट, डायबिटीज के पेंच, पाचन तंत्रा और पेट की नगरी, द किडनी एंड प्रोस्टेट जंकशन, टीबी का राजरोग, हड्डियांे और जोड़ों का चल संसार, फर्स्ट एड, दवाओं का बक्सा, जांच-परीक्षणों की दुनिया, फिटनेस क्लब तथा सुहाना सफर और छुट्टियों के दिन जैसे साल भर हर दिन काम आनेवाले विषयों पर प्रामाणिक अद्यतन ज्ञान सरल सूत्रों और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत किया है। 365 स्वास्थ्य मंत्र हर घर और हर पुस्तकालय में रखी जानेवाली उपयोगी कृति है जिससे पाठक साल के 365 दिन लाभान्वित हो सकता है।
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